Haryana : हरियाणा सरकार राज्य में हवा की गुणवत्ता (Air Quality) सुधारने और प्रदूषण पर सटीक नजर रखने के लिए अपने मॉनिटरिंग नेटवर्क का बड़ा विस्तार करने जा रही है. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने उन जिलों में 12 नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहां फिलहाल प्रदूषण मापने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. इसके लिए बाकायदा बिड (टेंडर) दस्तावेज जारी कर दिए गए हैं. वर्तमान में Haryana में 32 कंटीन्यूअस एंबियंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (CAAQMS) काम कर रहे हैं, जिनमें से 29 का संचालन अकेले HSPCB करता है. नए स्टेशनों के आने से राज्य का एयर क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद मजबूत हो जाएगा.
Haryana के किन जिलों में लगेंगे ये 12 नए स्टेशन?
पर्यावरण विशेषज्ञों का लंबे समय से मानना था कि बड़े शहरों के बाहर हरियाणा में रियल-टाइम डेटा की भारी कमी है. इस कमी को दूर करने के लिए नए स्टेशनों को उन क्षेत्रों में प्राथमिकता दी जा रही है, जहां माइनिंग (खनन), औद्योगिक धुआं, गाड़ियों का प्रदूषण और धूल की समस्या ज्यादा है.
-
चरखी दादरी: 05 स्टेशन
-
महेंद्रगढ़: 05 स्टेशन
-
रेवाड़ी: 01 स्टेशन
-
झज्जर: 01 स्टेशन
5 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी:
जो भी एजेंसियां इन स्टेशनों को इंस्टॉल करेंगी, वे सिर्फ इन्हें लगाने तक सीमित नहीं रहेंगी। टेंडर की शर्तों के मुताबिक, अगले 5 सालों तक इन स्टेशनों के ऑपरेशन और मेंटेनेंस (रखरखाव) की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी, ताकि बिना किसी रुकावट के लगातार डेटा मिलता रहे.
अगस्त के अंत तक NCR में स्थापित होंगे Haryana के कुल 23 स्टेशन
HSPCB के सदस्य सचिव योगेश कुमार के अनुसार, राज्य सरकार को इस साल अगस्त के अंत तक एनसीआर (NCR) के जिलों में कुल 23 नए मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया है. इन 23 स्टेशनों के लिए फंडिंग अलग-अलग विभागों और वैश्विक संस्थाओं द्वारा की जा रही है:
-
05 स्टेशन: गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) द्वारा फंडेड
-
03 स्टेशन: फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) द्वारा फंडेड
-
10 स्टेशन: हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) द्वारा फंडेड
-
03 स्टेशन: वर्ल्ड बैंक (विश्व बैंक) समर्थित ‘अर्जुन प्रोजेक्ट’ के तहत
वर्ल्ड बैंक का अर्जुन प्रोजेक्ट क्या है?
यह साफ हवा (Clean Air) सुनिश्चित करने के लिए विश्व बैंक द्वारा पोषित एक विशेष प्रोजेक्ट है. इसके तहत मिलने वाले 3 स्टेशन गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में लगाए जाएंगे. वहीं, रेवाड़ी और झज्जर में प्रस्तावित दो स्टेशन भी इसी बड़े एनसीआर विस्तार कार्यक्रम का हिस्सा हैं.
Haryana की आम जनता और प्रशासन को कैसे होगा फायदा?
अब तक प्रशासन को पूरे जिले का एक औसत (Average) प्रदूषण स्तर मिलता था, जिससे यह पता लगाना मुश्किल होता था कि असल में किस गली या किस औद्योगिक इलाके में प्रदूषण ज्यादा है। लेकिन नए CAAQMS स्टेशनों से कई बड़े फायदे होंगे:
-
हॉटस्पॉट्स की सटीक पहचान: नेटवर्क घना होने से अधिकारी यह सटीक पहचान कर सकेंगे कि किस खास इलाके (Hotspot) में प्रदूषण का स्तर सबसे खतरनाक है.
-
24 घंटे रियल-टाइम ट्रैकिंग: ये स्टेशन चौबीसों घंटे काम करेंगे, जिससे हवा में मौजूद PM2.5, PM10, सल्फर डाइऑक्साइड ($SO_2$), नाइट्रोजन ऑक्साइड ($NO_x$), ओजोन ($O_3$) और कार्बन मोनऑक्साइड ($CO$) जैसे घातक प्रदूषकों को मापा जा सकेगा.
-
मौसम की भी मिलेगी जानकारी: प्रदूषण के साथ-साथ यह सिस्टम तापमान, नमी (Humidity), हवा की गति और उसकी दिशा जैसे मौसम संबंधी मानकों को भी रिकॉर्ड करेगा.
-
समय रहते एक्शन: सटीक डेटा मिलने से पर्यावरण नियमों का पालन कराना आसान होगा और प्रशासन प्रदूषण बढ़ने से पहले ही जरूरी कदम उठा सकेगा.
The post Haryana में प्रदूषण पर कड़ा पहरा: 12 नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने की प्रक्रिया शुरू, जानें आपके शहर को क्या मिलेगा ? appeared first on Gurugram News Network.
