Gurugram : सरकारी विभागों में मनपसंद ट्रांसफर और पसंदीदा पोस्टिंग पाने के लिए राजनेताओं, जनप्रतिनिधियों या वरिष्ठ अधिकारियों से सिफारिश लगवाना अब गुरुग्राम में भारी पड़ सकता है। जिला प्रशासन ने ऐसे ‘जुगाड़ू’ कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
गुरुग्राम के उपायुक्त (DC) ने एक बेहद सख्त एडवायजरी जारी करते हुए साफ किया है कि अपनी पसंद की पोस्टिंग पाने के लिए बाहरी प्रभाव, राजनीतिक दबाव या गैर-सरकारी सिफारिशों का सहारा लेने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ अब कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अनुशासन को पहुंच रही थी ठेस
उपायुक्त द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि हाल के दिनों में यह देखा गया है कि कुछ सरकारी कर्मचारी स्थापित प्रशासनिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन कर रहे हैं। वे अपने ट्रांसफर और पोस्टिंग जैसे सेवा मामलों को प्रभावित करने के लिए जन प्रतिनिधियों, उच्च अधिकारियों और अन्य बाहरी माध्यमों का सहारा ले रहे हैं।
DC ने कड़े शब्दों में कहा कि एक सरकारी सेवक के लिए इस तरह का आचरण पूरी तरह से अनुचित है। यह न केवल प्रशासनिक अनुशासन को भंग करता है, बल्कि जन सेवा में पारदर्शिता और निष्पक्षता को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
जारी एडवायजरी में सभी सरकारी कर्मचारियों को ‘हरियाणा सिविल सर्विसेज (सरकारी कर्मचारियों का आचरण) नियम, 2016’ के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है। एडवायजरी में इन नियमों का विशेष उल्लेख किया गया है:
इसके तहत हर सरकारी कर्मचारी के लिए यह अनिवार्य है कि वह हर समय सरकार की नीतियों के अनुसार पूरी निष्पक्षता और ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाए। वह ऐसा कोई काम नहीं करेगा जो उसके पद की गरिमा के खिलाफ हो।
विभागीय अनुशासन के विपरीत जाकर या अपने कर्तव्यों की अनदेखी कर किया गया कोई भी आचरण ‘दुराचार’ (Misconduct) माना जाएगा।
यह नियम स्पष्ट रूप से प्रावधान करता है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपनी नौकरी या सेवा से जुड़े किसी भी निजी हित को साधने के लिए किसी भी वरिष्ठ अधिकारी पर कोई राजनीतिक या बाहरी दबाव नहीं डालेगा और न ही ऐसा प्रयास करेगा।
गलती की तो ‘दंड और अपील नियम’ के तहत होगी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर कोई कर्मचारी ट्रांसफर या पोस्टिंग के लिए किसी अधिकारी के पास सीधे तौर पर या किसी गैर-सरकारी माध्यम से सिफारिश भिजवाता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों की कोई भी शिकायत या आवेदन केवल और केवल उचित आधिकारिक माध्यम (Proper Official Channel) से ही स्वीकार किया जाएगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ‘हरियाणा सिविल सर्विसेज (दंड और अपील) नियम, 2016’ के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सभी कर्मचारियों से लिया जाएगा लिखित हस्ताक्षर
इस आदेश को धरातल पर पूरी तरह लागू करने की जिम्मेदारी सिटी मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM), जिला राजस्व अधिकारी, जिला विकास और पंचायत अधिकारी, सभी तहसीलदारों और नायाब तहसीलदारों को सौंपी गई है।
इन सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस एडवायजरी को अपने अधीन काम करने वाले हर एक छोटे-बड़े कर्मचारी तक पहुंचाएं। इतना ही नहीं, हर कर्मचारी से इस आदेश की ‘लिखित पावती’ (Written Acknowledgment) ली जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी यह बहाना न बना सके कि उसे इस नियम की जानकारी नहीं थी।
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