Yamuna Pollution Free : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुना नदी को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त करने के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2027 के अंत तक यमुना नदी में अनुपचारित (बिना शोधित) गंदे पानी की एक भी बूंद नहीं गिरने दी जाएगी। शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों को युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए।
5 साल में 41 नए एसटीपी तैयार, 11 और कतार में
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में यमुना कैचमेंट एरिया में 1543 एमएलडी (MLD) क्षमता के कुल 91 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) कार्य कर रहे हैं। सरकार की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इनमें से 41 एसटीपी (593 एमएलडी क्षमता) पिछले 5 वर्षों के दौरान ही स्थापित किए गए हैं। जलशोधन क्षमता को और बढ़ाने के लिए 11 नए एसटीपी का निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन है।
बैठक के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन जे. गणेशन ने खुलासा किया कि कुछ औद्योगिक इकाइयां खर्च बचाने के चक्कर में अपने उपचार संयंत्र (ETP) नहीं चलाती हैं और दूषित पानी सीधे बहा देती हैं। कई मामलों में टैंकरों के जरिए गांवों के तालाबों में कचरा डालने की बात भी सामने आई है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
-
नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
-
यह सुनिश्चित हो कि प्रत्येक उद्योग अपने अपशिष्ट जल को संशोधित (Treat) करने के बाद ही नालों में छोड़े।
11 प्रमुख ड्रेनेज पर लगेंगे सीईटीपी (CETP)
यमुना तक जाने वाली सभी 11 मुख्य ड्रेनेज लाइनों पर ‘सामान्य अपशिष्ट उपचार केंद्र’ (CETP) स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि यमुना कैचमेंट एरिया में 147.5 एमएलडी क्षमता के 8 नए सीईटीपी लगाए जाएंगे, जिनका विवरण इस प्रकार है।
-
फरीदाबाद: प्रतापगढ़, मिर्जापुर और बादशाहपुर।
-
गुरुग्राम: सेक्टर 18, सेक्टर 34 और सेक्टर 37।
-
पानीपत व सोनीपत: पानीपत सेक्टर 29 और कुंडली।
-
यमुनानगर: परवालू में 19.5 एमएलडी के संयंत्र का काम प्रगति पर है।
दिल्ली के अनुपचारित पानी पर होगी चर्चा
बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि दिल्ली से विभिन्न ड्रेनेज के माध्यम से 211 एमएलडी बिना साफ किया हुआ पानी हरियाणा आता है, जिसे हरियाणा सरकार अपने खर्च पर उपचारित कर वापस भेजती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ही दिल्ली की मुख्यमंत्री के साथ बैठक की जाएगी, ताकि दिल्ली केवल उपचारित जल ही यमुना में प्रवाहित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हिदायत दी कि संयंत्रों के लिए भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बैठक में मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
The post Yamuna Pollution Free : 2027 के बाद यमुना में नहीं गिरेगी एक भी बूंद गंदगी, सीएम ने विभागों को दिए कड़े निर्देश appeared first on Gurugram News Network.
