Haryana Hospital : प्राइवेट अस्पतालों से भी बेहतर बनेंगे हरियाणा के सरकारी अस्पताल, योजना तैयार

Haryana Hospital : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के सभी सरकारी अस्पताल जल्द ही निजी अस्पतालों से भी अधिक सुविधा संपन्न होंगे। हरियाणा सरकार नागरिक अस्पतालों की सुविधाओं को इतने बड़े स्तर पर विकसित कर रही है कि जल्द ही आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सभी सरकारी अस्पतालों में सुनिश्चित हो पाएंगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह बात रविवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा की स्वास्थ्य सुविधाओं, सरकारी अस्पतालों के आधुनिकीकरण तथा मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह, नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक डॉ. आरएस ढिल्लों सहित अन्य उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।

12 जिलों के सरकारी अस्पतालों के नवीनीकरण कार्य की समीक्षा की

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों के कायाकल्प व नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी जिलों के नागरिक अस्पतालों को इस प्रकार से अपग्रेड किया जाए कि ये आमजन के लिए निजी अस्पतालों से भी अधिक सुविधाजनक हों। उन्होंने वर्तमान में 12 जिलों, अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, हिसार, कैथल, महेंद्रगढ़, पलवल, पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत व नूंह के जिला अस्पतालों के चल रहे नवीनीकरण कार्यों का मूल्यांकन किया और इनके संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के साथ बढ़ी आयुष्मान योजना के मरीजों की संख्या

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बढ़ती सुविधाओं का ही असर है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में 8.83 प्रतिशत मरीजों के इलाज पर सरकार द्वारा 26 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान किया गया था वहीं 2025-26 में 32 प्रतिशत मरीजों ने योजना के तहत अपना इलाज सरकारी अस्पतालों में करवाया जिस पर सरकार ने 126 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान किया है। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में अभी काफी काम करना है।

जब सरकारी अस्पतालों में सभी आधुनिक उपकरण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं तो अधिक से अधिक लोगों को इनका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने आयुष्मान योजना के अधिक से अधिक मरीजों को सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

सीएमओ की वित्तीय शक्ति बढ़ाने के निर्देश दिए

नायब सिंह सैनी ने कहा कि अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने और आवश्यक कार्य करवाने के लिए सिविल सर्जन, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों, एनजीओ तथा सामान्य नागरिकों को मिलाकर जो कमेटी गठित की गई है वह भी अस्पताल की कमियों को दूर करने के लिए तत्परता से कार्य करें। उन्होंने सिविल सर्जन की वित्तीय शक्ति को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए ताकि अनुमोदन के इंतजार में विकास कार्य बाधित न हों।

सरकारी अस्पतालों में 140 प्रकार के टेस्ट की आधुनिक सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे सहित लगभग 140 प्रकार के टेस्ट करवाने की आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। उन्होंने सभी प्रकार की लैब को भी हाई-टेक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में पेयजल, शौचालयों, पंखों, एसी, साफ-सफाई, पेंट आदि की बुनियादी सुविधाओं की कोई कमी न रहने दी जाए।

अस्पतालों की छतों की मरम्मत भी प्राथमिकता के आधार पर करवाई जाए ताकि बरसात के मौसम में कहीं भी पानी का रिसाव न हो। उन्होंने छतों पर रखी पानी की टंकियों की सफाई, मरम्मत और टूटे ढक्कन भी ठीक करवाने के निर्देश दिए ताकि पानी की स्वच्छता को बरकरार रखा जा सके। उन्होंने अस्पतालों में लॉन्ड्री से संबंधित कार्यों में भी आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल करते हुए इस कार्य को मैकेनाइज्ड करने के निर्देश दिए।

सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों की छतों पर लगेंगे सोलर पैनल:

नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएं ताकि संबंधित अस्पताल की बिजली जरूरतें इसी से पूरी हो सकें। इन सोलर प्लांट को नेट मीटरिंग के माध्यम से ग्रिड से जोड़ा जाए ताकि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में चली जाए। उन्होंने अस्पतालों की भीतरी दिवारों, विशेषकर जच्चा-बच्चा वार्ड के सौंदर्यीकरण के लिए आकर्षक वॉल पेंटिंग करवाने को कहा।

उन्होंने अस्पतालों में पेस्ट-कंट्रोल करवाने के संबंध में भी आदेश दिए। उन्होंने सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बड़े स्तर पर पौधारोपण करवाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। इस पर अधिकारियों ने बताया कि इस मानसून सीजन में स्वास्थ्य संस्थानों में 17000 पौधे लगाए जाएंगे जिनमें से 3000 पौधे लगाए जा चुके हैं।

महिलाओं के लिए मैमोग्राफी मशीनें करवाई जा रही स्थापित

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि महिलाओं को स्तन कैंसर की जांच और समय पर उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जिला नागरिक अस्पताल पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल और नारनौल के अलावा गुरुग्राम के सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी।

इन मशीनों की स्थापना से महिलाओं को अपने ही जिले में उन्नत स्तन कैंसर जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने अन्य जिलों में भी मैमोग्राफी मशीनों की स्थापना करवाने तथा जच्चा-बच्चा वार्डों में एयरकंडीशनिंग सुविधा उपलब्ध करवाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं आमजन तक पहुंचाना जरूरी:

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी कार्यरत व निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सिरसा जिला में कैंसर उपचार की सुविधा शुरू करने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। इसी प्रकार जहां संभव हो वहां पीपीपी मोड में अस्पताल चलाए जाएं ताकि आमजन को निजी अस्पतालों से भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या और उन्हें मिल रहे उपचार के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी लेते हुए कहा कि प्रदेश सरकार जिस स्तर पर और जितनी धनराशि खर्च करके सरकारी अस्पतालों का आधुनिकीकरण कर रही है, उतनी ही बड़ी संख्या में आमजन को इन स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलना जरूरी है।

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