Peace Dog: Social Media पर आपसे ज्यादा प्रसिद्ध कुत्ता पहुंचा गुरुग्राम! आलोका को देखने उमड़ी भारी भीड़

Peace Dog : सोशल मीडिया पर इंसानी इन्फ्लुएंसर्स के जलवे तो आपने बहुत देखे होंगे, लेकिन इन दिनों दिल्ली-एनसीआर में एक ऐसा अनूठा मेहमान आया हुआ है, जिसकी लोकप्रियता के आगे बड़े-बड़े दिग्गजों की चमक फीकी पड़ जाए। हम बात कर रहे हैं ‘आलोका द पीस डॉग’ (Aloka the Peace Dog) की, जो भारतीय नस्ल (Indie/Pariah) का एक साधारण दिखने वाला लेकिन असाधारण कहानी समेटे हुए एक Peace Dog है।

हाल ही में गुरुग्राम के प्रतिष्ठित ‘द वेस्टिन’ (The Westin) होटल में ‘वॉक फॉर पीस’ द्वारा Peace Dog आलोका के लिए एक विशेष ‘मीट एंड ग्रीट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध डॉग से मिलने के लिए दिल्ली-एनसीआर के सैकड़ों पशु प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता और वन्यजीव एक्टिविस्ट पहुंचे। हॉल में मौजूद हर शख्स आलोका की असीम शांति, शालीनता और उसके धैर्य को देखकर दंग रह गया। लोगों ने उसे दुलारा, उसके (Peace Dog) साथ सेल्फी ली और वहां मौजूद बौद्ध भिक्षुओं से उसकी चमत्कारी जीवन यात्रा के किस्से सुने। इससे दो दिन पहले दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी ने भी आलोका से विशेष मुलाकात कर उसकी सराहना की थी।

🐾 कोलकाता की सड़कों से शुरू हुआ ‘लाइट’ बनने का सफर : Peace Dog

आलोका (जिसका संस्कृत और पालि भाषा में अर्थ होता है ‘दिव्य प्रकाश’ या ‘ज्ञान’) की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है। साल 2022 में आलोका कोलकाता के बाहरी इलाके में लावारिस घूम रहा था। उसी दौरान वियतनामी-अमेरिकी बौद्ध भिक्षु वेनेरेबल भिक्षु पन्नाकारा (Venerable Bhikkhu Pannakara) के नेतृत्व में भिक्षुओं का एक दल भारत में 112 दिनों की शांति पदयात्रा पर था।

यात्रा के छठे दिन इस बेघर डॉग ने भिक्षुओं के शांत समूह को देखा और चुपचाप उनके पीछे हो लिया। बिना किसी ट्रेनिंग या दबाव के, (Peace Dog ) आलोका ने भारत के ग्रामीण रास्तों से होते हुए नेपाल सीमा तक लगभग 100 दिनों से अधिक तक भिक्षुओं के साथ नंगे पैर यात्रा की। इस दौरान वह एक बार कार दुर्घटना का शिकार हुआ और गंभीर रूप से बीमार भी पड़ा, लेकिन हर बार ठीक होकर वह वापस भिक्षुओं के कारवां से जुड़ गया। उसकी इसी निष्ठा और शांति को देखकर भिक्षुओं ने उसे अपना लिया और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद अपने साथ अमेरिका (फोर्ट वर्थ, टेक्सास) ले गए।

US अमेरिका के 10 राज्यों में Peace Dog ने 3,700 किमी की ऐतिहासिक यात्रा

आलोका की वैश्विक पहचान तब बनी जब उसने अमेरिका में आयोजित ‘वॉक फॉर पीस 2025-2026’ में हिस्सा लिया। टेक्सास के ‘हुओंग दाओ विपश्यना भावना सेंटर’ से शुरू हुई यह यात्रा अमेरिका के 10 राज्यों से गुजरते हुए करीब 3,700 किलोमीटर (2,300 मील) की दूरी तय कर वाशिंगटन डी.सी. (अमेरिकी संसद) तक पहुंची।

करीब 108 से 120 दिनों तक चली इस कठिन यात्रा में बर्फीली ठंड, कड़ाके की बारिश और थका देने वाले रास्तों के बावजूद आलोका लगातार भिक्षुओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता रहा। इस यात्रा का उद्देश्य दुनिया भर में शांति, करुणा और जागरूकता फैलाना था। रास्ते में साउथ कैरोलिना के पास आलोका के पैर के लिगामेंट (ACL) में चोट भी आई, जिसकी सर्जरी करानी पड़ी, लेकिन इसके बावजूद वह दोबारा ठीक होकर यात्रा के अंतिम पड़ाव में शामिल हुआ।

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Peace Dog के माथे पर ‘दिल’ का निशान और 4.82 लाख की ‘इंस्टा फैमिली’

लगभग 4 वर्ष का हो चुका आलोका पूरी तरह से एक शुद्ध भारतीय देसी (Pariah) कुत्ता है। उसकी सबसे बड़ी शारीरिक विशेषता उसके माथे पर कुदरती तौर पर बना सफेद रंग का दिल (Heart Shape) का निशान है, जो उसके ‘शांतिदूत’ होने के प्रतीक को और पुख्ता करता है। उसके केसरिया और सफेद रंग के बाल बौद्ध भिक्षुओं के चीवर (वस्त्र) की याद दिलाते हैं।

आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर आलोका के 4.82 लाख (482K) से अधिक फॉलोअर्स हैं और टिकटॉक व अन्य प्लेटफॉर्म्स को मिलाकर उसकी फैन फॉलोइंग मिलियन (लाखों) में है। जब वह यात्रा पर होता है, तो दुनिया भर से लोग लाइव मैप के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक करते हैं और उसे ट्रीट (खाना) देने के लिए रास्तों पर इंतजार करते हैं।

गुरुग्राम के कार्यक्रम में आए लोगों का कहना था कि आलोका यह साबित करता है कि शांति और करुणा की कोई भाषा या प्रजाति नहीं होती। भारत की सड़कों से निकलकर दुनिया को शांति का संदेश देने वाले इस ‘लिटिल मंक डॉग’ ने वाकई हर भारतीय का दिल जीत लिया है।

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