Gurugram Census : जनगणना में गायब 500 कर्मियों को नोटिस, कानूनी कार्रवाई की तैयारी

Gurugram Census : नगर निगम गुरुग्राम (MCG) में जनगणना कार्यों को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जनगणना कार्यों की धीमी प्रगति और कर्मचारियों की भारी अनुपस्थिति पर संज्ञान लेते हुए निगमायुक्त एवं प्रधान जनगणना अधिकारी प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रविवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में निगमायुक्त ने उन 500 से अधिक सुपरवाइजरों और एन्यूमरेटरों (गणनकारों) के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जो अपनी ड्यूटी और प्रशिक्षण सत्रों से नदारद पाए गए हैं।

बैठक के दौरान निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि जनगणना कार्य में अनुपस्थित रहना केवल अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि कानून का उल्लंघन है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुपस्थित कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के तहत तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं।

यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ सख्त कानूनी कार्यवाही (FIR) भी सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन ने अनुपस्थित कर्मचारियों को सुधार का एक अंतिम अवसर दिया है। सभी विभागों और संस्थानों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को तुरंत जनगणना कार्य के लिए कार्यमुक्त करें।

जो सुपरवाइजर और एन्यूमरेटर अब तक प्रशिक्षण में नहीं आए हैं, उन्हें 5 मई से 7 मई 2026 तक आयोजित होने वाले प्रशिक्षण शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा।

जनगणना प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए निगमायुक्त कार्यालय में एक विशेष ‘सेन्सस मैनेजमेंट सेल’ का गठन किया गया है। खुद निगमायुक्त इसकी कमान संभालेंगे। इसके अलावा  प्रत्येक जोन स्तर पर शिकायत निवारण सेल बनाए गए हैं जो प्रतिदिन कार्यों की समीक्षा करेंगे। अधिकारी प्रत्येक गुरुवार को जमीनी स्तर पर जाकर कार्यों का निरीक्षण करेंगे।  हर शुक्रवार को प्रगति रिपोर्ट निगमायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

बैठक में जानकारी दी गई कि कई जोन में जनगणना किट (जरूरी सामग्री) का वितरण हो चुका है और शेष क्षेत्रों में इसे तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निगमायुक्त ने एमसीजी के अपने कर्मचारियों की उपस्थिति की भी व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने को कहा है।

प्रदीप दहिया ने शहर के पार्षदों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWA) और आम नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना के लिए आने वाले कर्मचारियों का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सटीक डेटा ही भविष्य की योजनाओं और विकास का आधार बनेगा, इसलिए हर नागरिक की भागीदारी अनिवार्य है।

निगमायुक्त एवं प्रधान जनगणना अधिकारी प्रदीप दहिया ने बताया की नगणना एक राष्ट्रीय मिशन है। इसमें लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। हमारी प्राथमिकता इस प्रक्रिया को समयबद्ध, सटीक और पारदर्शी तरीके से पूरा करना है।

 

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